1.
कनाडा के साथ पांच साल के लिए यूरेनियम आपूर्ति समझौता मोदी के विदेश दौरे की बहुत
बड़ी उपलब्धि रही. पूर्व राजनयिक शीलकांत शर्मा ने यूरेनियम समझौते को महत्वपूर्ण
बताया. खास कर इसलिए क्योंकि कनाडा ने 1974 के परमाणु विस्फोट के बाद भारत को
परमाणु सहयोग बंद कर दिया था.
2.
भारत ने पूरी तरह से उड़ान के लिए तैयार 36 राफाल लड़ाकू विमानों की खरीदारी के
लिए समझौता किया है. सोसाइटी फॉर पॉलिसी स्टडीज के निदेशक भास्कर ने कहा, 'इस
प्लेटफार्म से वायुसेना की घटती स्क्वोड्रन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी.
फ्रांस से सीधे 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने की डील। इस फैसले को बोल्ड और जरूरी बताया जा रहा है.
महाराष्ट्र के जयतापुर में 6 न्यूक्लियर प्लांट की अटकी हुई डील को फास्ट ट्रैक करने की भी सहमति हुई है लेकिन उसका असर दिखने में समय लगेगा। एक और बड़ी हेडलाइन आई कनाडा से जो 5 साल के लिए भारत को यूरेनियम देने को भी तैयार है। तो कुल मिलाकर ठोस उप्लब्धियों के मामले में कैसे रेट किया जाना चाहिए इस यात्रा को आज इसी मुद्दे पर चर्चा की जा रही है।
पीएम मोदी के इस यूरोप और कनाडा दौरे के दौरान फ्रांस से हुए 17 समझौते हुए हैं। इस दौरे के दौरान जर्मनी से कोई बड़ा करार नहीं हुआ। इस दौरे के दौरान पीएम का जोर मेक इन इंडिया पर रहा। उन्होंने भारत में विदेशी निवेश का न्योता भी दिया।
इस दौरे के दौरान फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने पर सहमति बनने के साथ ही जैतापुर प्लांट का मसला सुलझाने पर सहमति बनी। फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन करने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा भारत में निवेश बढ़ाने के लिए जर्मनी के साथ द्विपक्षीय मैकेनिजम पर भी सहमति बनी।
लेकिन मोदी की इस यात्रा की उपलब्धियों को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। राफेल डील पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस यात्रा से रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को कितना बूस्ट मिला.कनाडा से यूरेनियम डील कितनी फायदेमंद है? जर्मनी से बड़ा करार क्यों नहीं हुआ? इन सवालों के जवाब कुछ भी हों लेकिन एक बात तय है कि सरकार अपनी अलग- अलग नीतियों को देश की विदेश और रक्षानिति के साथ एंटीग्रेट करती दिख रही है जो देश में पहली बार हो रहा है। इसका प्रभाव आगे चलकर देखने को मिलेगा।
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भारत ने पूरी तरह से उड़ान के लिए तैयार 36 राफाल लड़ाकू विमानों की खरीदारी के
लिए समझौता किया है. सोसाइटी फॉर पॉलिसी स्टडीज के निदेशक भास्कर ने कहा, 'इस
प्लेटफार्म से वायुसेना की घटती स्क्वोड्रन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी.फ्रांस से सीधे 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने की डील। इस फैसले को बोल्ड और जरूरी बताया जा रहा है.
महाराष्ट्र के जयतापुर में 6 न्यूक्लियर प्लांट की अटकी हुई डील को फास्ट ट्रैक करने की भी सहमति हुई है लेकिन उसका असर दिखने में समय लगेगा। एक और बड़ी हेडलाइन आई कनाडा से जो 5 साल के लिए भारत को यूरेनियम देने को भी तैयार है। तो कुल मिलाकर ठोस उप्लब्धियों के मामले में कैसे रेट किया जाना चाहिए इस यात्रा को आज इसी मुद्दे पर चर्चा की जा रही है।
पीएम मोदी के इस यूरोप और कनाडा दौरे के दौरान फ्रांस से हुए 17 समझौते हुए हैं। इस दौरे के दौरान जर्मनी से कोई बड़ा करार नहीं हुआ। इस दौरे के दौरान पीएम का जोर मेक इन इंडिया पर रहा। उन्होंने भारत में विदेशी निवेश का न्योता भी दिया।
इस दौरे के दौरान फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने पर सहमति बनने के साथ ही जैतापुर प्लांट का मसला सुलझाने पर सहमति बनी। फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन करने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा भारत में निवेश बढ़ाने के लिए जर्मनी के साथ द्विपक्षीय मैकेनिजम पर भी सहमति बनी।
लेकिन मोदी की इस यात्रा की उपलब्धियों को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। राफेल डील पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस यात्रा से रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को कितना बूस्ट मिला.कनाडा से यूरेनियम डील कितनी फायदेमंद है? जर्मनी से बड़ा करार क्यों नहीं हुआ? इन सवालों के जवाब कुछ भी हों लेकिन एक बात तय है कि सरकार अपनी अलग- अलग नीतियों को देश की विदेश और रक्षानिति के साथ एंटीग्रेट करती दिख रही है जो देश में पहली बार हो रहा है। इसका प्रभाव आगे चलकर देखने को मिलेगा।
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