Tuesday, 11 October 2016

अंक 13 की गलतफहमी


आईये आज हम आपको बताते है की अंक 13 को लकेर लोगो ने क्या-क्या गलतफहमी अपने-अपने दिमागों मे भर कर रखे हुए है।

1. थाईलैंड में 13 अप्रैल को न्यूईयर मनाया जाता हैं. इस       दिन लोगों के उपर पवित्र जल छिड़का जाता है ताकि         उनके सारे पाप नष्ट हो जाए.
2.  हिंदू मान्यता के अनुसार 13 वां त्रयोदशी का माना            जाता है. कहा जाता है कि ये दिन शिवजी का माना            जाता है जो कि बहुत ही शुभ होता है.
3.  महाशिवरात्री भी माघ महीने के 13 वें दिन मनाई जाती है.
4.  व्हाईट हाउस का निर्माण भी 13 तारीख को हुआ था.

एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में प्रणब मुक्जरजी  ने कहा था, "मैं अंधविश्वास में यकीन नहीं करता!" जबकि दूसरी तरफ उन्होंने ये भी कहा था कि 13 एक शुभ अंक है. इसका मतलब पवित्र होता है। 13 अंक भगवान होता है। "

आइये आपको बताते हैं आखिर कैसे है 13 नंबर शुभ देश के नए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के लिए।

1 - प्रणब मुखर्जी की शादी 13 जुलाई 1957 को हुई थी।
2 - कैबिनट में शामिल होने के ठीक बाद, यानी जुलाई 1996 से प्रणब नई दिल्ली के तालकटोरा मार्ग स्थित 13          नंबर के बंगले में रह रहे हैं।
3 - संसद भवन में प्रणब 13 नंबर कमरे में बैठते थे।
4 - कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के नाम की आधिकारिक घोषणा 13 जून को की थी।
5 - प्रणब देश के 13 वें राष्ट्रपति हैं।
6 - प्रणब के लिए 13 नंबर कितना ख़ास है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की इनको वोट भी        7,13,763 मिले हैं मजे की बात ये है की इसमें भी 13 आ रहा है।


अंक 13 एक शुभ अंक है लेकिन ज़्यादातर लोग ये मानते हैं कि अंक 13 अशुभ है।इसका कारण है की लोगों के मन ये बात बैठ चुकी है कि अंक 13 अशुभ है क्योंकि इस तारीख को काफी अशुभ कार्य हुए हैं जैसे कहा जाता है जब जीजस ने अपने अनुयायियों के साथ भोजन किया था तब उनको मिलाकर कुल 13 अनुयायी थे. इसके बाद उनको सूली पर चढ़ा दिया गया था. पर क्या ये बात सत्य नहीं है उसके 3 दिन बाद वे वापस जीवित हो गए।क्या हम इस बात को यूँ नहीं सोच सकते की 13 अंक को सूली पर चढ़ने के कारण ही जेसस दोबारा जीवित हो गए।और इसी कारण तो उन्हें ईश्वर माना जाता है।अगर इस हिसाब से देखे तो 13 अंक जीसस को अपनी क्षमाताओं  को लोगों के सामने लाने का जरिया है।यह बात हमपर लागू हिती है कि किसी भी चीज़ को हम किस ढंग से सोचते है अगर किसी चीज़ के बारे में हम अच्छे परिणाम लोगों को दिखाना चाहते है तो हम उसे इसके सकारात्मक ढंग से दिखाते है  वहीँ दूसरी ओर अगर हमारे मन में ये बात है कि किसी चीज़ का प्रभाव बूरा ही है तो हम किसी भी तरह उसके नकारात्मक नजरिया दे देते हैं।एक सिक्के के दो पहलु होते है ।अगर एक को अच्छा माने तो वो हमारे लिए हर तरह से अच्छा वहीँ अगर दुसरे को बुरा मान तो वो बुरा न भी हो तब भी हम उससे बूरा ही समझेंगे।अगर 13 अंक इतना अशुभ होता तो उस दिन कोई शुभ काम हो नहीं सकता लेकिन आप लोगों ने जैसा ऊपर पढ़ा की 13 अंक कैसे सुभ है।मान लीजिए अगर हम कोई कार्य की शुरुआत 13 तारीख वाले दिन से करते हैं और वो कार्य आगे जाके विफल हो जाता है तो हम सारा दोष 13 अंक पर मढ देंगे बिना ये सोचे की उस कार्य की विफलता में हमारे ही महनत की कमी थी।वही काम अगर हम किसी और दिवस के दिन शुरू करते हैं और उस कार्य के लिए हमने परिश्रम ही नहीं किया तो वो विफल हो गा ही।लेकिन उस दिन को हम अशुभ नहीं मानते क्योंकि हमारे लिए तो 13 अंक अशुभ है न उसमे हम ये मान लेते है कि हमारे प्किरिश्रम में ही कमी रह गयी थी।कीसी भी चीज़ की सफलता या  विफलता हमारे परिश्रम पे ही आश्रित है।इसे अंको के साथ जोड़ना पूर्णता गलत है।वाइट हाउस ला निर्माण भी तो 13 तारीख को हुआ था  अभी तक तो वाइट हाउस को ख़त्म हो जान चाहिए था लेकिन ऐसा अभी तक हुआ तो नहीं लेकिन अगर आगे जाके ऐसा कुछ हो भी जाता है तो हम इसका श्रेय 13 अंक को ही देंगे।13 तारीख को जलियांवाला बाग पर हमला हुआ था क्या ये सच नहीं की 11 तारीख को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर तबाह हुआ था 11 तो बहुत शुभ अंक है न।
1 तारीख को संसद भवन पर हमला हुआ था तो क्या इस वजह से हम नई ईयर नहीं मानते या 1 अंक को भी अशुभ मानते है।यही चीज़ें अगर13 को हुई होती तो कहना ही क्या है।

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