Tuesday, 18 October 2016

BRICS 2016,भारत और रूस के समझौते

ब्रिक्स पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जहां विश्वभर की 43% आबादी रहती है, जहां विश्व का सकल घरेलू उत्पाद 30% है और विश्व व्यापार में इसकी 17% हिस्सेदारी है।
आदिवर्णिक शब्द ब्रिक का पहली बार प्रयोग वर्ष 2001 में गोल्डमैन साक्स ने अपने वैश्विक आर्थिक पत्र “द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनोमिक ब्रिक्स्” में किया था, जिसमें इकॉनोमीट्रिक विश्लेषण के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि आने वाले समय में ब्राजील, रूस, भारत एवं चीन की अर्थव्यवस्थाओं का व्याक्तिनगत और सामूहिक रूप से विश्व के आर्थिक क्षेत्रों पर नियंत्रण होगा और अगले 50 वर्षों में ये विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से होंगी।
एक औपचारिक समूह के रूप में सेंट पीटर्सबर्ग में जुलाई 2006 में जी-8 आउटरीच शिखर सम्मेलन के अवसर पर रूस, भारत तथा चीन के नेताओं की बैठक के पश्चात ब्रिक का प्रारम्भन किया गया था। न्यूयॉर्क में सितम्बर 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर ब्रिक समूह के विदेश मंत्रियों की प्रथम बैठक के दौरान ब्रिक को औपचारिक रूप प्रदान किया गया। ‘ब्रिक’ के प्रथम शिखर सम्मेकलन का आयोजन रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में 16 जून, 2009 को किया गया।
सितम्बर 2010 में न्यूयॉर्क में ब्रिक विदेश मंत्रियों की बैठक में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करके ब्रिक को ब्रिक्स में विस्तार करने पर सहमति बनी थी। तद्नुसार, दक्षिण अफ्रीका 14 अप्रैल, 2011 को सान्या, चीन में आयोजित तीसरे ब्रिक्सष शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ। अब तक सात ब्रिक्स सम्मेलन हो चुके हैं।
भारत और रूस के बीच मिलिट्री हेलीकॉप्टर कामोव, S-400 सहित 16 अहम समझौते हुए हैं. रूस न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी भारत का सहयोग करेगा. पीएम मोदी ने रूस को भारत का पुराना दोस्त बताया. पीएम ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में रूस भारत का सपोर्ट करेगा. पीएम ने कहा कि भारत और रूस उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं.

#BRICS : भारत और रूस के बीच रक्षा सहित 16 क्षेत्रों में हुए समझौते
भारत और रूस के बीच मिलिट्री हेलीकॉप्टर कामोव, S-400 सहित 16 अहम समझौते हुए हैं. रूस न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी भारत का सहयोग करेगा. पीएम मोदी ने रूस को भारत का पुराना दोस्त बताया. पीएम ने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में रूस भारत का सपोर्ट करेगा. पीएम ने कहा कि भारत और रूस उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं.

भारत और रूस के बीच BRICS SUMMIT में रक्षा सहित 16 क्षेत्रों में हुए समझौते
भारत और रुस ने मिसाइल सिस्टम, जंगी जहाजों की खरीद और हेलीकॉप्टरों की जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग सहित कई बडे रक्षा सौदों पर आज हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने कई सारे अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर फैसला किया और एकजुट होकर आतंकवाद की बुराई से लडने का संकल्प लिया.
16 समझौतों पर किए हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कई मुद्दों पर बात की। इनमें द्विपक्षीय संबंध पर वार्ता शामिल हैं. इसके बाद दोनों देशों ने बिजनेस एवं इन्वेस्टमेंट, हाइड्रोकार्बन, स्पेस और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए 16 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए.
न्यूक्लियर एनर्जी पर भी बनी सहमति

दोनों नेताओं ने कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट 2 की तारीफ की, साथ ही इसकी यूनिट 3 और 4 की शुरूआत पर भी बात की. डिफेंस डील में भारत पांच अरब डॉलर से अधिक की लागत से S-400 ट्रिफ एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद शामिल है. दोनों देश चार एडवांस जंगी जहाज बनाने में भी सहयोग भी करेंगे। इसके अलावा कामोव हेलीकॉप्टर बनाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित करेंगे.

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