Sunday, 9 October 2016

ख़ून की दलाली

राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर मोदी के खिलाफ बयान दिया था। यूपी में 26 दिन चली किसान यात्रा खत्म होने के बाद दिल्ली पहुंचे राहुल ने कहा था, “जो हमारे जवान हैं। जिन्होंने अपना खून दिया है जम्मू-कश्मीर में। जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किया है। उनके खून के पीछे आप छुपे हुए हो। उनकी आप दलाली कर रहे हो। ये बिल्कुल गलत है। हिंदुस्तान की सेना ने हिंदुस्तान का काम किया है। आप अपना काम कीजिए।”
राहुल ने इस बयान के कुछ ही दिन पहले सर्जिकल स्ट्राइक पर मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि मोदी ने ढाई साल में पहली बार पीएम जैसा काम किया है।
इस बयान के बाद देशभर में काफी बवाल मच गया था।राहुल गांधी के 'खून की दलाली' वाले बयान के खिलाफ चंदौली के सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कर केस चलाने की मांग की गई है। परिवाद का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 25 अक्‍टूबर तय की है।राहुल का बयान अशोभनीय है।


 राहुल के बयान से आहत वकील सदानंद सिंह ने राहुल गांधी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्‍ट्रेट के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है।
परिवाद में कहा गया है कि राहुल का बयान बेहद अशोभनीय है। ये बयान आम लोगों को पीड़ा पहुंचाने वाला है।
अगर मामले में राहुल गांधी पर आरोप सिद्ध हो जाता है तो उन्‍हें 2 साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है।


बीजेपी ने इस मसले पर राहुल गांधी को घेरते हुए कहा है कि ‘दलाली’ कांग्रेस का स्वभाव है और राहुल गांधी मानसिक दीवालियेपन का शिकार हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस मसले पर बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि ‘सबसे पहले केजरीवाल ने सवाल उठाए, वो पाकिस्तान में हिट हो गए… राहुल गांधी ने तो इस बार सीमाएं लांघ दीं। वो बताएं कि इसमें दलाली करने जैसा क्या था, राहुल का बयान सेना का मनोबल तोड़ने वाला है, सेना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’। अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समय पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एक साथ है, ऐसे में राहुल का बयान बेहद निंदनीय है। कांग्रेस ने पहले ‘मौत का सौदागर’ फिर ‘जहर की खेती’ और अब ‘खून की दलाली’बोला… मुझे नहीं पता इसका क्या आशय है। मैं जानना चाहता हूं कि क्या दलाली शब्द सेना के लिए था जो देश को बचाने के प्रयासों में लगी है? सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश गर्व महसूस कर रहा है, राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों गर्व महसूस नहीं कर रहे?
सबूत मांगने वालों पर अमित शाह ने कहा कि जो इसके सबूत मांग रहे हैं, उन्हें उसका विश्लेषण करना चाहिए कि पाकिस्तान में क्या कुछ हो रहा है, वहां मचा हड़कंप ही इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक को नकार रहा है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर वहां स्पेशल सेशन क्यों बुलाया गया?.

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने जोरदार हमला किया तो शायद इस बीच राहुल गांधी को भी गलती का एहसास हो आया। उनकी तरफ से ट्वीट करके सफाई दी गई कि वो सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन करते हैं लेकिन राजनीतिक पोस्टर में सेना का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। अब जरा इस बात पर ध्यान दीजिए कि राहुल गांधी को इस तरह का बयान देने की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल बीजेपी का एक पोस्टर आया था जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया गया था, उसमें पीएम मोदी समेत बीजेपी के कुछ नेताओं की तस्वीरें भी लगी हुई थीं। राहुल गांधी को जब लगा कि बीजेपी सर्जिकल स्ट्राइक का फायदा ले जाएगी तो उन्होंने इस तरह का बयान दे डाला।

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